Blog by Moksh Yogi
"होनी को कौन टाल सकता है?"
यह लोकोक्ति हम अक्सर सुनते हैं। लेकिन हमारे ऋषियों ने एक और प्रश्न भी खड़ा किया—"यदि होनी को टाला नहीं जा सकता, तो फिर कर्म, पुरुषार्थ और ईश्वर की भक्ति का औचित्य क्या है?"
यहीं पर ज्योतिष शास्त्र का प्रवेश होता है। यह शास्त्र हमें 'होनी' का ज्ञान करवाता ह...
Moksh Yogi
08.01.26 03:46 AM - Comment(s)
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